Categories: News-Headlines

रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश के पहले यूरिया संयंत्र तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (टीएफएल) की प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की सिंदरी तथा बरौनी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार जल्द ही एचयूआरएल-बरौनी और सिंदरी संयंत्रों से यूरिया का उत्पादन शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “ये दो संयंत्र यूरिया के स्वदेशी उत्पादन में 25 एलएमटीपीए से अधिक का योगदान देंगे जिससे आयातित यूरिया की मात्रा को कम करने में मदद मिलेगी।”

केंद्रीय मंत्री ने अमोनिया/यूरिया के उत्पादन के लिए कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी पर आधारित देश के पहले यूरिया संयंत्र तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (टीएफएल) की प्रगति की भी समीक्षा की। टीएफएल की उत्पादन क्षमता 12.7 एलएमटीपीए होगी और 2024 में इसकी कमीशनिंग होने की उम्मीद है।

मनसुख मांडविया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन संयंत्रों से स्वदेशी यूरिया का उत्पादन ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘आत्मनिर्भर कृषि’ को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम होगा। उन्होंने कहा कि “सरकार के केंद्रित प्रयासों से भारत यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा। इसके अलावा, इनमें से प्रत्येक संयंत्र 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा।

सरकार ने नामित सार्वजनिक उपक्रमों जैसे नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और फर्टिलाइजर्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएफसीएल) के साथ जॉइंट वेंचर कंपनी बनाकर नामांकन आधार से गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी यूनिट्स के पुनरुद्धार को अनिवार्य कर दिया है। इस तरह से हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड नामक संयुक्त उद्यम कंपनी को एनटीपीसी, आईओसीएल और सीआईएल द्वारा 29.67 प्रतिशत की इक्विटी भागीदारी और गोरखपुर, सिंदरी तथा बरौनी में 12.7 एलएमटीपीए क्षमता वाला गैस आधारित अमोनिया यूरिया संयंत्र स्थापित करने के लिए एफसीआईएल द्वारा 11 प्रतिशत इक्टिवी भागीदारी के साथ शामिल किया गया है।

सरकार ने नामांकित सार्वजनिक उपक्रमों यानी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल), कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (आरसीएफ) और एफसीआईएल की एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाकर नामांकन आधार के माध्यम से तालचर इकाई के पुनरुद्धार को भी अनिवार्य कर दिया। इस तरह तालचर फर्टिलाइजर लिमिटेड (टीएफएल) नामक एक संयुक्त उद्यम कंपनी को गेल, आरसीएफ और सीआईएल द्वारा 31.85 प्रतिशत की इक्विटी भागीदारी के साथ शामिल किया गया था जबकि एफसीआईएल ने 4.45% इक्विटी बरकरार रखी थी।

Leave a Comment

Recent Posts

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More

10 hours ago

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More

10 hours ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

12 hours ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

14 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

14 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

14 hours ago

This website uses cookies.