राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत ग्राहकों की संख्या कुल मिलाकर 6.62 करोड़ से अधिक हो गई हैं और कुल ऐसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 10 लाख करोड़ रुपये (10,00,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है।
दिनांक 25.08.2023 तक एनपीएस और एपीवाई की खंडवार स्थिति:
सेक्टर
एयूएम (रुपये में)
केंद्र सरकार
2,40,902.87
सीएबी
42,246.13
राज्य सरकार
4,36,071.72
एसएबी
63,133.73
कॉर्पोरेट
1,35,218.06
सभी नागरिक मॉडल
47,663.36
एनपीएस लाइट
5,157.12
एपीवाई
30,051.28
कुल
10,00,444.26
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) नियमित रूप से वित्तीय शिक्षा को बढ़ाने, ग्राहकों को अच्छी तरह से सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाने और संबंधित जोखिमों तथा दुविधा की स्पष्ट समझ बनाए रखते हुए औपचारिक वित्तीय क्षेत्र के लाभों का लाभ उठाने के लिए विभिन्न पहल करता है।
एनपीएस के बारे में
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद केंद्र सरकार में शामिल होने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए लागू किया गया है। अधिकांश राज्य सरकारों/संघ शासित सरकारों ने अपने नए कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) भी अधिसूचित कर दी है। एनपीएस 1 मई 2009 से प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 1 जून 2015 से अटल पेंशन योजना शुरू की गई है, जिसने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बहुत आवश्यक प्रोत्साहन दिया है।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली दिवस (एनपीएस दिवस) के बारे में
पेंशन और सेवानिवृत्ति योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पीएफआरडीए प्रति वर्ष 1 अक्टूबर को “राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली दिवस (एनपीएस दिवस)” मनाता है। यह पहल सेवानिवृत्ति के बाद के चरण में भारतीय नागरिकों की वित्तीय आत्मनिर्भरता में योगदान देती है। इस वर्ष एनपीएस दिवस के अवसर पर पीएफआरडीए ने डिजिटल मीडिया और प्रचार पहलों के एक महीने के अनुक्रम की योजना बनाई है। इन प्रयासों की रूपरेखा रणनीतिक रूप से एनपीएस दिवस मनाने और ग्राहकों के साथ-साथ आम जनता को पेंशन योजना के महत्व को प्रभावी ढंग से बताने के लिए बनाई गई है।