राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने झारखंड के उच्च न्यायालय के नये ग्रीनफील्ड भवन और देश के सबसे बडे न्यायालय भवन का उद्घाटन और लोकार्पण किया। एक सौ 65 एकड़ भूमि में फैले उच्च न्यायालय की वर्चुअल यात्रा का प्रदर्शन राष्ट्रपति के समक्ष किया गया। पर्यावरण अनुकूल झारखंड का नया उच्च न्यायालय भवन ऊर्जा किफायती प्रणाली से युक्त है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायपालिका को न्याय के लिए लोगों की सुगमता बढाने के लिए और नवाचारी तरीके तलाशने चाहिएं। उन्होंने न्यायालयों में लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए समृद्ध भाषायी कौशल और विकसित प्रौद्योगिकी के प्रयोग करने की बात कही।
इस अवसर पर देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस, झारखंड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड़ ने न्यायपालिका तक लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए जिला और सिविल अदालतों को उन्नत बनाने की बात कही। इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रांची स्थित राजभवन में वहां की प्राचीन जनजातियों के आठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं और सहायता का लाभ प्रदान करने का आश्वासन दिया।