यूरोप की परिषद ने यूक्रेन में सैन्य अभियान के जवाब में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए रूस को महाद्वीप के सबसे प्रमुख मानवाधिकार निकाय से निष्कासित कर दिया है। 47 देशों के इस संगठन की मंत्री समिति ने कहा है कि 26 वर्ष के बाद रूस की यूरोप की परिषद की सदस्यता आज समाप्त हो गई है। यह निर्णय यूक्रेन में रूस के कार्यों की निंदा बाद आया है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आज बल देकर कहा कि रूस ने बिना परवाह किए संगठन छोड़ दिया है। एक साक्षात्कार में श्री लावरोव ने नाटो और यूरोपीय संघ के देशों पर परिषद में अपने बहुमत का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि नाटो और यूरोपीय संघ ने इसे रूसी विरोधी नीति के उपकरण में बदल दिया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने इस फैसले का स्वागत किया है।