यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद किये जाने के बाद, भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के उपायों पर विचार कर रहा

यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद किये जाने के बाद, भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के उपायों पर विचार कर रहा

कीव में भारतीय दूतावास ने यूक्रेन सरकार को भारतीय विद्यार्थ‍ियों की सुरक्षा के बारे में पत्र लिखा है। 15 हजार से अधिक भारतीय विद्यार्थी यूक्रेन के विभिन्‍न क्षेत्रों में फंसे हैं। पत्र में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारतीय विद्यार्थ‍ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और वे जहां हैं, वहां बने रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। भारतीय दूतावास ने यूक्रेन सरकार से वहां फसे लोगों को भोजन- पानी जैसी आवश्‍यक सुविधाएं उपलब्‍ध कराने का पर्याप्‍त प्रबंध करने को कहा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सुरक्षा से सम्‍बद्ध मंत्रिमंडल समिति की बैठक में बताया कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यूक्रेन में भारतीय छात्रों और अन्‍य नागरिकों की सुरक्षा और उन्‍हें यूक्रेन से बाहर लाने की है। मीडिया से बातचीत में विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि यूक्रेन में उभरती स्थिति से निपटने के अनेक कदम उठाए गए हैं।

भारत, यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के विभिन्‍न तरीकों पर विचार कर रहा है। युद्धग्रस्‍त यूक्रेन में हवाई क्षेत्र बंद हो जाने और वाणिज्यिक विमानों के नहीं उतर पाने के बाद भारतीय नागरिकों को निकालने के वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। हंगरी में भारतीय दूतावास के एक दल को यूक्रेन से भारतीयों को बाहर लाने में सहायता और समन्‍वय के लिए भेजा गया है। एक ट्वीट में भारतीय दूतावास ने बताया कि वह हंगरी सरकार के साथ मिलकर हर सम्‍भव सहायता प्रदान कर रहा है। भारत, यूक्रेन की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने की योजना बना रहा है।

विदेश मंत्रालय के दल भी पौलैंड, स्‍लोवाक गणराज्‍य और रोमानिया से लगी यूक्रेन की सीमा पर भेजे जा रहे हैं। पौलैंड से एक दल यूक्रेन की सीमा कराकोविक पहुंच रहा है। स्‍लोवाक गणराज्‍य से एक और भारतीय दल विस्‍ने नेमेक सीमा की ओर रवाना हो गया है, जबकि रोमानिया से एक दल सुसीवा जा रहा है। मंत्रालय ने, इन सीमाओं के आसपास यूक्रेन में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे यूक्रेन से निकलने के लिये भारतीय दल से सम्‍पर्क करें। भारतीय दलों के सम्‍पर्क नम्‍बर मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलबध हैं।

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