मध्य प्रदेश में विधानसभा की तीन और लोकसभा की एक सीट पर उप चुनाव के लिए प्रचार चरम पर है। मतदान तीस अक्तूबर को होगा और वोटों की गिनती दो नवम्बर को की जायेगी। चुनावों में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच है।
प्रशासन भी इन चुनावों के महत्त्व को देखते हुए पूरी तैयारी में जुटा है। खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी ने आकाशवाणी को बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी इंतजाम किये जा रहे हैं।
(मतदान की समस्त तैयारी है। वो पूरी कर ली गई हैं और स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक रूप से मतदान हो और निर्वाचन आयोग के समस्त निर्देशों का पालन करते हुए सभी मतदाताओं से यह आग्रह है कि वो अपने मताधिकार का प्रयोग करें।)
कांग्रेस इन चुनावों को राज्य में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल मान रही है, जबकि भाजपा उपचुनाव के नतीजों को शिवराज सरकार के कामकाज पर जनता की मोहर के रूप में देखेगी। दोनों ही पार्टियों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा की ओर से प्रादेशिक नेताओं के साथ-साथ केन्द्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया भी प्रचार मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सचिन पायलट जैसे नेताओं के सहारे जनता के बीच जा रही है।