भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के कार्यान्वयन की पहली वर्षगांठ के समारोह के एक हिस्से के तहत वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन व आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सहायक अवर सचिव जुमा मोहम्मद अल-कैत और संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने दुबई में आज अंतरराष्ट्रीय आभूषण प्रदर्शनी केंद्र का उद्घाटन किया और रत्न व आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) द्वारा आयोजित बिजनेस-टू-बिजनेस (बी-2-बी) कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर राजेश कुमार सिंह ने बी2बी कार्यक्रम में व्यापार सभा को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अग्रणी समझौते ने पहले से ही घनिष्ठ और मजबूत संबंधों को नए सिरे से प्रोत्साहन और गति प्रदान करके भारत व संयुक्त अरब अमीरात के बीच की साझेदारी को रूपांतरित किया है। इसके अलावा उन्होंने रेखांकित किया कि भारत व संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए समझौते के शुरुआती लाभ मिलने शुरू हो गए हैं और द्विपक्षीय व्यापार लगभग 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान लगभग 8400 करोड़ अमेरीकी डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर को प्राप्त किया है। भारत से निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) के प्रतिनिधियों सहित भारत और संयुक्त अरब अमीरात की लगभग 100 कंपनियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दुबई एक्सपो में भारतीय पवेलियन का भी दौरा किया।
इससे पहले कल डीपीआईआईटी के सचिव और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जौदी ने संयुक्त रूप से भारत-संयुक्त अरब अमीरात सीईपीए की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “सीईपीए- व्यापार के आगे” कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके अलावा राजेश कुमार सिंह ने अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) और संयुक्त अरब अमीरात की स्वायत्त संपत्ति निधि (एसडब्ल्यूएफ)- मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
डीपीआईआईटी सचिव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का संयुक्त अरब अमीरात का दो दिवसीय दौरा आज संपन्न हुआ। यह यात्रा भारत-संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के कार्यान्वयन की पहली वर्षगांठ की महत्वपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करने के उपलक्ष्य में दोनों देशों की ओर से आयोजित संयुक्त समारोह को लेकर हुई थी।