भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों ने विश्व व्यापार संगठन की पारदर्शी, समावेशी और गैर भेदभाव वाली बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सहयोग देने का आश्वासन दिया है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आज तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की 18वीं बैठक के बाद संयुक्त वक्तव्य में नेताओं ने संगठन में आवश्यक सुधारों को समर्थन देने पर सहमति जताई।
तीनों देशों ने विश्व व्यापार संगठन के दो स्तरीय विवाद निपटारे के लिए सामान्य कार्रवाई की बहाली और संरक्षण पर बल दिया। इन देशों ने अपीलीय संस्था के सदस्यों की तेजी से नियुक्ति पर भी जोर दिया।
विदेश मंत्रियों ने आतंकवाद के सभी प्रारूपों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में आतंक के विरूद्ध वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया।
विदेश मंत्रियों ने रूस, भारत और चीन के बीच त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने के बारे में अपने-अपने विचार रखे। इससे पहले इन देशों की बैठक ओसाका में जून 2019 में हुई थी।
कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में विश्व स्वास्थ्य संगठन, सरकारों, गैर सरकारी संगठनों, व्यापारियों और उद्योगों के सामूहिक प्रयासों के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा की गई। भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों ने विश्व व्यापार संगठन की पारदर्शी, समावेशी और गैर भेदभाव वाली बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
विदेश मंत्रियों ने कहा कि रूस, भारत और चीन के बीच सहयोग से न केवल इन देशों को लाभ होगा बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति, सुरक्षा, स्थिरता और विकास में भी मदद मिलेगी।
अफगानिस्तान की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रियों ने मानवता के आधार पर तुरंत सहायता प्रदान करने का भी आह्वान किया।
