भारत ने यूक्रेन युद्ध के कारण खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर विशेष रूप से जोर दिया है। भारत ने कहा है कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर यूक्रेन युद्ध का व्यापक असर पड़ा है और इससे अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टी एस तिरूमूर्ति ने यूक्रेन के संबंध में कहा कि तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, अनाज और उर्वरक की कमी है तथा दक्षिणी वैश्विक और विकासशील देशों पर इसका कहीं कम तो कहीं ज्यादा असर पड रहा है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से उत्पन्न खाद्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए हमें वर्तमान परिस्थितियों से आगे जाकर काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भी समान रूप से गंभीर चिंता की बात है और मिलजुलकर इससे निपटना होगा।
टी एस तिरूमूर्ति ने कहा कि भारत ने बूचा में नागरिकों की हत्या की कडी निंदा की है और स्वतंत्र जांच की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और उसका यही मानना है कि इस संघर्ष से किसी पक्ष को कोई लाभ नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि भारत ने यूक्रेन में दवा और आवश्यक राहत सामग्री के रूप में मानवीय सहायता भेजी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय वहां मानवीय सहायता जारी रखेगा और सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार रखेगा।