भारत आज जी-20 की अध्यक्षता औपचारिक रूप से ग्रहण करेगा। इस सिलसिले में कल देश भर में सौ ऐतिहासिक इमारतों पर जी-20 के लोगो के साथ रोशनी की जायेगी। इस लोगो को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों केसरिया, सफेद, हरे तथा नीले रंग से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। लोगो में प्रकृति के साथ सामंजस्य रखने की प्रति भारत की जीवन दृष्टि के तौर पर दर्शाया गया है। जी-20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में भारत लिखा हुआ है।
जी-20 की भारत की अध्यक्षता को वसुधैव कुटुम्बकम के रूप में अंकित किया गया है जिसका अर्थ है संपूर्ण पृथ्वी एक परिवार है और इसका एक ही भविष्य है। वसुधैव कुटुम्बकम पृथ्वी पर मौजूद सभी मानव, वन्य जीव, पेड़-पौधे और उनके एक दूसरे के प्रति सम्बन्ध का सूचक है। जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर है जिससे देश को विश्व मंच पर प्रतिष्ठा मिलेगी। इस संबंध में करीब 32 विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर देश के अलग अलग भागों में लगभग 200 बैठकें आयोजित की जायेंगी।
श्रीलंका भारत संघ के अध्यक्ष किशोर रेड्डी ने कहा है कि जी-20 की अध्यक्षता भारत को मिलना एक महान अवसर है। हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत में किशोर रेड्डी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत जी-20 के मंच पर श्रीलंका जैसे देशों के हितों की रक्षा करेगा।
किशोर रेड्डी ने कहा कि आने वाले एक साल में विभिन्न स्थानों पर जी-20 से जुड़ी बैठकों के आयोजन से भारत के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकीय क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।