भारत ने ताइवान के घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाये रखने के लिए तनाव कम करने के प्रयास किये जाने चाहिएं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अन्य देशों की तरह भारत भी ताइवान के घटनाक्रम से चिंतित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में बदलाव के लिए संयम बरतने और एकतरफा कार्रवाई से बचने की जरूरत है।
भारत ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ असगर और पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी समूह के उप प्रमुख को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन की तकनीकी पकड़ पर भी असंतोष व्यक्त किया है। श्री अरिंदम बागची ने कहा कि यह खेदजनक है कि दुनिया के कुछ सबसे कुख्यात आतंकवादियों से संबंधित वास्तविक और साक्ष्य-आधारित प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक स्वर में बोलने में असमर्थ है। प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंड नहीं अपनाये जाने चाहिएं और बिना कोई औचित्य बताए ऐसे प्रस्ताव को रोका नहीं जाना चाहिए।