भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता आज से लागू हो रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इस समझौते पर इस वर्ष दो अप्रैल को हस्ताक्षर किये थे। यह एक दशक के बाद, किसी भी विकसित देश के साथ भारत का पहला व्यापार समझौता है। इस समझौते में द्विपक्षीय, आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों के सभी पहलू शामिल हैं।
इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते से दोनों देशों के लिये एक नये युग की शुरूआत होगी। इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया द्वारा सौ प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त किये जायेंगे, जिससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कपड़ा, कृषि उत्पाद, चमड़ा, फर्नीचर, आभूषण और मशीनरी के साथ-साथ चिकित्सा उपकरण वाले क्षेत्रों को भी लाभ होगा। वहीं दूसरी तरफ भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 70 प्रतिशत से अधिक टेरिफ लाइनों पर छूट दी है। जिसमें मुख्य रूप से कच्चे माल जैसे कोयला और खनिज अयस्क शामिल है। इस समझौते से देश में लगभग दस लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कुल द्वीपक्षीय व्यापार अगले पांच वर्षों में 31 बिलियन डॉलर से बढ़कर 45 से 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।