केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महात्मा मंदिर सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र, गांधीनगर, गुजरात में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन 2024 में ‘भविष्य हेतु कार्यबल का निर्माण: उद्योग 4.0 के लिए कौशल का विकास’ विषय पर उद्घाटन सत्र में भाग लिया। इस सत्र में उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां, उद्यमी, गुजरात सरकार के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन 2024 राष्ट्रीय प्राथमिकताएं निर्धारित करने के लिए देश की विकास यात्रा पर चिंतन करने का एक आदर्श मंच है। महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने वैश्विक स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास का गुजरात मॉडल विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने के लिए राज्यों के कौशल संबंधी प्रयासों के लिए मार्गदर्शक बन गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल संबंधी इकोसिस्टम में एनईपी के नेतृत्व वाला तालमेल देश की युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करेगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे जनसांख्यिकी, मांग और निर्णायक सरकार भारत के गौरव के कारक बन गए हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत की स्टार्ट-अप और नवोन्मेषी संस्कृति ने देश को ज्ञान और कौशल का केंद्र बना दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने विशाल जनशक्ति की दक्षता, उत्पादकता, कौशल और योग्यता बढ़ाने के बारे में भी चर्चा की। धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत किस प्रकार उद्योग और नवाचार की दुनिया में धूम मचा रहे उद्योग 4.0 का उपयोग करने के लिए मजबूती से तत्पर है।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात का भी उल्लेख किया कि ऐसी स्थिति में जब दुनिया की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, भारत अपने युवाओं की बदौलत सशक्त है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि अगले 25-30 वर्षों में देश कामकाजी उम्र की आबादी के मामले में अग्रणी होगा। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी को, विशेषकर युवाओं को योगदान देना होगा ।
उन्होंने गुजरात और उसके विकासोन्मुख, समावेशी और सहभागी मॉडल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘गुजरात मॉडल’ की सबसे बड़ी ताकत ‘महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास’ है।
धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने में राज्य के प्रयास की सराहना की। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि कैसे सरकार, एनईपी के अनुरूप, शिक्षा और कौशल के बीच व्यापक तालमेल को बढ़ावा देने की दिशा में कमर्ठतापूर्वक काम कर रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज दुनिया वैश्विक चुनौतियों के लिए कम लागत, गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और स्केलेबल समाधान प्रदान करने के लिए भारत की ओर देख रही है।
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