ब्रिटेन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार कल शाम विंडसर कास्ल के सेंट जॉर्ज चैपल में किया गया। इसके साथ ही सार्वजनिक शोक की अवधि समाप्त हो गई। महारानी का ताबूत उनके पति प्रिंस फिलिप के पास दफनाया गया। अंतिम संस्कार में केवल राज परिवार के सदस्य शामिल हुए। राजशाही मुकुट, शाही चक्र और राजदंड कोफिन से हटाकर वेदिका पर रखे गये जो महारानी के शासनकाल की समाप्ति का प्रतीक था। इससे पहले कल दिन में दिवंगत महारानी को वेस्टमिंस्टर ऐबी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इसी महल में उनका विवाह हुआ था और यहीं उन्हें राजमुकुट पहनाया गया था। अंतिम विदाई की प्रार्थना में कैंटबरी के आर्च बिशप ने कहा कि महारानी 70 वर्ष के अपने शासन में अनेक परिवर्तनों की साक्षी रहीं। प्रार्थना सभा में विश्व नेताओं सहित दो हजार से अधिक लोग शामिल थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों ने भी महारानी को श्रद्धाजंलि अर्पित की।
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