बीआरओ ने आज ज़ोजीला दर्रे पर लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच सबसे कम समय में प्रवेश द्वार खोलने का रिकॉर्ड बनाया

बीआरओ ने आज ज़ोजीला दर्रे पर लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच सबसे कम समय में प्रवेश द्वार खोलने का रिकॉर्ड बनाया

सीमा सड़क संगठन-बीआरओ ने आज ज़ोजीला दर्रे पर केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच सबसे कम समय में प्रवेश द्वार खोलने का रिकॉर्ड बनाया है।

आमतौर पर ज़ोजीला दर्रा सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण लगभग 160 से 180 दिनों के लिए बंद रहता था लेकिन इस बार यह मार्ग सिर्फ 73 दिनों में खुल गया। पहली बार बीआरओ ने यह उपलब्धि हासिल की है। मौसम की कठिन परिस्थितियों के बीच बर्फ हटाने के अथक प्रयास के बल पर बीआरओ ने इस साल 5 जनवरी तक दर्रे को खुला रखा था।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 15 फरवरी से प्रोजेक्ट बीकन और विजयक के तहत बर्फ हटाने का काम शुरू हुआ था। ज़ोजीला दर्रे के आर-पार सम्‍पर्क शुरू में 4 मार्च को स्थापित किया गया। बाद में वाहनों के मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए सड़क की स्थिति में सुधार किया गया। आवश्यक सामान की ताजा आपूर्ति करने वाले वाहनों का पहला काफिला ज़ोजीला दर्रे को पार कर गया और लद्दाख के लोगों को आवश्‍यक राहत देते हुए करगिल पहुंचा।

दर्रे को फिर से खोलने के अवसर पर सीमा सड़क संगठक के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी सहित नागरिक प्रशासन और भारतीय सेना के वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रोजेक्ट बीकन और विजयक के प्रयासों की सराहना करते हुए सीमा सड़क संगठक के महानिदेशक ने कहा कि ज़ोजीला पास के जल्द खुलने से न केवल देश की रक्षा तैयारियां मजबूत होंगी, बल्कि लद्दाख के लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में भी सुविधा होगी।

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