बिहार में जहरीली शराब त्रासदी की संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मौके पर जांच के लिए अपना दल भेजने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जहरीली शराब कांड के विभिन्न पहलूओं की जांच करेगा। इसके लिए आयोग एक स्वतंत्र टीम बिहार भेजेगा जिसका नेतृत्व आयोग के ही एक सदस्य करेंगे। आयोग का मानना है कि अधिकतर पीड़ित लोग गरीब परिवारों से हैं और निजी अस्तपतालों में महंगा इलाज नहीं करवा सकते हैं। आयोग ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों को हर प्रकार की सुविधा देनी चाहिए। आयोग राज्य के विभिन्न स्थानों पर चोरी-छिपे बनाई जा रही शराब के अड्डों के नष्ट करने के लिए प्रस्तावित उपायों का भी जायजा लेगा। इस बीच, राज्य में जहरीली शराब कांड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है।
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