नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 दिसंबर को COP-28 के विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना हुए। यह संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संधि में शामिल देशों का 28वां उच्च स्तरीय सम्मेलन होगा। संयुक्त अरब अमीरात की अध्यक्षता में 28 नवम्बर से आरंभ हुआ यह सम्मेलन 12 दिसम्बर तक चलेगा।
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कल दुबई में शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। हरित ऋण पहल भारत और संयुक्त अरब अमीरात की संयुक्त मेजबानी में पहला उच्चस्तरीय कार्यक्रम होगा। ऊर्जा स्रोतों के बदलाव से संबंधित दूसरा कार्यक्रम लीड-आईटी-2 भारत और स्वीडन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होगा। भारत और स्वीडन ने वर्ष 2019 में न्यूयॉर्क में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में इस कार्यक्रम की शुरूआत की थी। विदेश सचिव ने कहा कि श्री मोदी जलवायु वित्त के एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।
विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा कि भारत को आशा है कि इस शिखर सम्मेलन में जलवायु वित्त के बारे में एक स्पष्ट कार्य योजना पर सहमति बनेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री विश्व के अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।