प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सोमनाथ मन्दिर भारतीय संस्कृति और मान्यताओं का अभिन्न अंग है। आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गुजरात के सोमनाथ में कई परियोजनाओं का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस मन्दिर को कई बार तोड़ा गया और इतिहास से इसका अस्तित्व मिटाने की कोशिश की गई लेकिन यह हर बार और अधिक भव्य बनकर उभरा। विनाश में निर्माण की यही प्रक्रिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंक के बल पर शासन खड़ा करने के लिए सत्ताओं को नष्ट करने की धारणा कुछ समय के लिए हावी हो सकती है लेकिन यह अधिक समय तक नहीं चलती और न ही यह मानवता का दमन कर सकती है। उन्होंने कहा कि हमारी सोच इतिहास से सीख लेकर वर्तमान को संवारने की होनी चाहिए जिससे भविष्य भी उज्जवल बन सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जोडो आन्दोलन भौगोलिक और वैचारिक सीमाओं से बंधा नहीं है बल्कि इसमें देश के भविष्य के निर्माण का संकल्प भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे चार धामों की व्यवस्था, शक्तिपीठों की अवधारणा और देश के विभिन्न भागों में स्थित तीर्थस्थलों से एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का परिचय मिलता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम में सोमनाथ और नागेश्वर, पूर्व में बैदयनाथ तथा उत्तर में बाबा केदारनाथ से लेकर दक्षिण में श्री रामेश्वरम तक 12 ज्योर्तिलिंग समूचे भारत को जोड़ते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें समुद्र दर्शन पथ, सोमनाथ प्रदर्शनी गलियारा और नये रूप वाले सोमनाथ मंदिर का उदघाटन करने का सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मन्दिर के निकट पार्वती माता मन्दिर की भी आधारशिला रखी। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का भी स्मरण किया जिन्होंने भगवान विश्वनाथ मन्दिर से सोमनाथ मन्दिर तक कई मन्दिरों का पुनरूद्धार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश आम आदमी को एक दूसरे से जोडने के साथ पर्यावरण और तीर्थाटन के क्षेत्र में भी प्रगति कर रहा है। यात्रा और पर्यटन स्पर्धा सूचकांक के अनुसार भारत को 2013 में 65वें स्थान पर रखा गया था जबकि 2019 में वह 34वें स्थान पर आ गया है।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि केन्द्र की प्रशाद योजना के तहत सरकार सभी धार्मिक स्थलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ न्यास के अध्यक्ष बनने के बाद से अनेक विकास कार्य शुरू किये गये हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ न्यास स्वच्छ भारत अभियान में पूर्ण सहयोग कर रहा है। पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस अवसर पर मौजूद थे।