भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में जन्मा है, वैज्ञानिक आधारों पर पनपा है और वैज्ञानिक तरीकों से चारों दिशाओं में पहुंचा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
देश ने ‘सबको वैक्सीन-मुफ़्त वैक्सीन’ का अभियान शुरू किया। गरीब-अमीर, गांव-शहर, दूर-सुदूर, देश का एक ही मंत्र रहा कि अगर बीमारी भेदभाव नहीं नहीं करती, तो वैक्सीन में भी भेदभाव नहीं हो सकता! इसलिए ये सुनिश्चित किया गया कि वैक्सीनेशन अभियान पर VIP कल्चर हावी न हो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
100 करोड़ वैक्सीन डोज़ केवल एक आंकड़ा नहीं है, ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब है। ये उस नए भारत की तस्वीर है जो कठिन लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करना जानता है और अपने संकल्पों की सिद्धि के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करता है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
हमारे देश ने एक तरफ कर्तव्य का पालन किया तो दूसरी तरफ उसे बड़ी सफलता भी मिली। भारत ने कल 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ का कठिन लेकिन असाधारण लक्ष्य प्राप्त किया। इस उपलब्धि के पीछे 130 करोड़ देशवासियों की कर्तव्यशक्ति लगी है इसलिए ये सफलता हर देशवासी की सफलता है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा कि महामारी को फैलने से रोक सके? भांति-भांति के सवाल थे, लेकिन आज ये 100 करोड़ वैक्सीन डोज़, हर सवाल का जवाब दे रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
जब 100 साल की सबसे बड़ी महामारी आई, तो भारत पर सवाल उठने लगे। क्या भारत इस वैश्विक महामारी से लड़ पाएगा? भारत दूसरे देशों से इतनी वैक्सीन खरीदने का पैसा कहां से लाएगा? भारत को वैक्सीन कब मिलेगी? भारत के लोगों को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
100 करोड़ वैक्सीन डोज़ का एक प्रभाव ये भी होगा कि अब दुनिया भारत को कोरोना से ज़्यादा सुरक्षित मानेगी। एक फॉर्मा हब के रूप में भारत को जो स्वीकृति मिली है उसे और मज़बूती मिलेगी। पूरा विश्व आज भारत की इस ताकत को देख रहा है और महसूस कर रहा हैः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
हमें हर छोटी से छोटी चीज जो मेड इन इंडिया हो, जिसे बनाने में किसी भारतवासी का पसीना बहा हो, उसे खरीदने पर जोर देना चाहिए और ये सबके प्रयास से ही संभव होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी