प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया जिसमें ‘प्रसाद योजना के तहत वाराणसी का विकास-चरण-II’ के तहत पर्यटक सुविधा केंद्र और ‘प्रसाद योजना के तहत वाराणसी में रिवर क्रूज का विकास’ के तहत अस्सी घाट से राजघाट तक क्रूज बोट का संचालन शामिल है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री नीलकंठ तिवारी और एम.पी. सुरेंद्र नारायण सिन्हा उपस्थित थे।
तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान का राष्ट्रीय मिशन (प्रसाद) एक केंद्रीय योजना है, जिसे पर्यटन मंत्रालय द्वारा साल 2014-15 में शुरू किया गया था। यह पूरी तरह भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है, जिसका उद्देश्य तीर्थयात्रा और विरासत स्थलों के एकीकृत विकास से जुड़ा है। इस योजना के उद्देश्य में बुनियादी ढांचे का विकास जैसे प्रवेश स्थल (सड़क, रेल और जल परिवहन), आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी, पर्यटन की बुनियादी सुविधाएं जैसे सूचना केंद्र, एटीएम/मनी एक्सचेंज, पर्यावरण अनुकूल परिवहन के साधन, क्षेत्र में प्रकाश की सुविधा और नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत से रोशनी, पार्किंग, पीने का पानी, शौचालय, अमानती सामान घर, प्रतीक्षालय, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, शिल्प बाजार/हाट/स्मारिका दुकानें/कैफेटेरिया, वर्षा आश्रय, दूरसंचार सुविधाएं, इंटरनेट, कनेक्टिविटी आदि शामिल हैं। 44.69 करोड़ रुपये लागत वाली ‘प्रसाद योजना के तहत वाराणसी का विकास-चरण II’ को पर्यटन मंत्रालय ने फरवरी 2018 में स्वीकृत किया था। इसके तहत ‘पंचकोसी पथ’, ‘तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र’, ‘रामेश्वर’, ‘सड़क विकास’ और ‘संकेतक बोर्ड’ को सफलतापूर्वक पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया गया है। ‘प्रसाद योजना के तहत वाराणसी में रिवर क्रूज का विकास’ परियोजना को पर्यटन मंत्रालय ने 10.72 करोड़ रुपये के खर्च के साथ फरवरी 2018 में मंजूरी दी थी। इसके तहत ‘यात्री सह क्रूज व्हीकल’, ‘मॉड्यूलर जेट्टी, ‘ऑडियो विजुअल इंटरवेंशन’ और ‘सीसीटीवी सर्विलांस’ को सफलतापूर्वक पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया गया।
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं सृजित करने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी धनराशि का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा की।