प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम से 5-जी सेवाओं की शुरूआत की। 5-जी तकनीक से इंटरनेट की गति तेज होगी, कवरेज का दायरा बढ़ेगा और संपर्क अधिक भरोसेमंद तरीके से किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा, स्पैक्ट्रम और नेटवर्क की कुशलता भी बढ़ेगी।
सरकार डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अग्रणी कार्यक्रमों के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है। 5-जी सेवाओं के उपलब्ध होने से नए कारोबार शुरू होने, कारोबार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने और रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रगति मैदान में एक प्रदर्शनी को भी देखा। उन्होंने छठी भारतीय मोबाइल कांग्रेस का भी उद्घाटन किया, जिसकी शुरूआत 4 अक्टूबर से हो रही है। इस कांग्रेस का विषय है – नया डिजिटल विश्व। इससे प्रमुख चिंतकों, उद्यमी, नवप्रर्वतकों और सरकारी अधिकारियों को एक मंच पर आने का मौका मिलेगा ताकि वे डिजिटल तकनीक के अंगीकरण और प्रसार से उत्पन्न हो रहे अवसरों पर विमर्श कर सकें और इन्हें प्रदर्शित कर सकें।
इस अवसर पर संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 5-जी तकनीक से शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, कृषि और बैंकिंग क्षेत्रों में बुनियादी परिवर्तन लक्षित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे और गांव में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 35 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दूरसंचार डिजिटल भारत का प्रवेश द्वार और आधारशिला है तथा इससे हर व्यक्ति तक डिजिटल सेवा की उपलब्धता संभव हो सकेगी।