प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 यूरोपीय देशों का दौरा संपन्न होने के बाद दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने कल पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री अर्थव्यवस्था, परमाणु ऊर्जा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों को भारत आने का निमंत्रण दिया। बातचीत के बाद संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी कोपनहेगन में द्वितीय भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से लौटते हुए फ्रांस पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कल डेनमार्क के कोपन हेगेन में दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आईसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ हिस्सा लिया। इस शिखर सम्मेलन में भारत नॉर्डिक संबंधों में प्रगति की समीक्षा की गयी।
नॉर्डिक देशों ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया। इन देशों ने जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा विविधिता, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्रों में भी सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नॉर्डिक देशों की कंपनियों को समुद्री अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से सागरमाला परियोजना में निवेश का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आर्कटिक नीति आर्कटिक क्षेत्र में भारत नॉर्डिक सहयोग के विस्तार की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध कराती है।
कोपेनहेगेन में मीडिया से बातचीत में विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिनलैंड, आईसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह पहली बैठक थी। कल की बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय भागीदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लीड आई.टी. पहल में हुई प्रगति पर संतोष भी व्यक्त किया।