कनार्टक में मेक इन इंडिया को बडा प्रोत्साहन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बेंगलुरू में स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह उडान प्रधानमंत्री के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड-एचएएल के दौरे के समय भरी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने तेजस लड़ाकू विमान कारखाने सहित अन्य विनिर्माण इकाइयों की गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर तेजस विमान उड़ाने के अनुभव को अतुल्य बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश की स्वदेशी क्षमताओं में भरोसा और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्र की क्षमता के बारे में गौरव और आशावाद की भावना और मजबूत हुई है।
भारतीय वायु सेना ने 83 तेजस विमानों की खरीद की प्रक्रिया आरंभ की है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर चौधरी ने हाल ही में बेंगलुरू में एचएएल के दो सीट वाले पहले एलसीए प्रशिक्षु विमान की समीक्षा की थी।
प्रधानमंत्री मोदी रक्षा उत्पादों के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन देते रहे हैं। उन्होंने 2024-25 तक पांच अरब डॉलर के रक्षा निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारत ने अब तक के सर्वाधिक 15 हजार नौ सौ 20 करोड़ रुपए का रक्षा निर्यात किया।
भारतीय वायु सेना ने 83 तेजस विमानों की खरीद की प्रक्रिया आरंभ की है। फिलहाल एचएएल प्रति वर्ष आठ विमान बना रही है। यहां हर साल 16 विमान बनाने की क्षमता हासिल करने के लिए काम चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी रक्षा उत्पादों के स्वदेशी उत्पादन की तरफदारी कर रहे हैं। उन्होंने अमरीका यात्रा के दौरान भी इसी बात पर बल दिया था जहां जीई एअरोस्पेस और एचएएल ने मिलकर तेजस मार्क टू के लिए इंजन बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री स्वदेशी रक्षा उत्पादन के महत्व पर लगातार बल देते रहे हैं। इससे पता चलता है कि मोदी सरकार भारत में रक्षा उत्पादों का निर्माण बढाने और उनके निर्यात को प्रोत्साहन देने के प्रयास कर रही है। तेजसहल्का लडाकू विमान है जिसने विभिन्न देशों का ध्यान आकर्षित किया है।