आज राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में रोनाल्ड रीगन सेंटर में भारतीय समुदाय के साथ चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणा स्वयं भारतवासी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश बेहतर भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी हस्तातंरण, घनिष्ठ विनिर्माण सहयोग और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
भारत और अमरीका के बीच रक्षा सहयोग की संभावना के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनरल इलेक्ट्रिक द्वारा लड़ाकू जेट इंजन के निर्माण का फैसला भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका के बीच हुई आर्टमिस संधि से अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए कई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गूगल, माइक्रोन, अल्पाईड मैटिरियल्स जैसी कई अमरीकी कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की है जिससे भारत में रोजगार के कई अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बेंगलुरू और अहमदाबाद में अमरीका अपने वाणिज्य दूतावास खोलेगा। यह निर्णय भी लिया गया है कि एच1 बी वीजा का नवीकरण अमरीका में ही करने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब एच1 बी वीजा के नवीकरण के लिए भारतीयों को अमरीका से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी जिससे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को काफी सहायता मिलेगी।
अमेरिका में रहते हुए ही अब ये वीज़ा रिन्यू हो जाएगा। इसके लिए इस साल एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इसका बहुत बड़ा फायदा हमारे आई.टी. प्रोफेशनल्स को भी होने वाला है। इस फैसले के जो भी अनुभव होंगे उसे देखते हुए यही व्यवस्था भविष्य में एल. कैटेगिरी वीज़ा के लिए भी हो सकती है। आप भारत की हर उपलब्धि से खुश होते हैं, उसे सेलिब्रेट करते हैं। आप गर्व करते हैं जब दुनिया के इतने सारे देश यू.एन. हेडक्वार्टर्स पर योग दिवस के लिए जुटते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर तेज है और इससे लोगों के जीवन में बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त और विकसित भारत विश्व समुदाय के लिए भी अच्छा है।
