वाशिंगटन डीसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैनेडी सेंटर में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) कार्यक्रम को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अपनी अमेरिका दौरे के दौरान इस कार्यक्रम का मैं बेहद बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। आप सभी अमेरिका की विकास यात्रा के मज़बूत स्तंभ है और इसलिए मैं आपसे मिलना चाहता था। आप सभी अपनी मेहनत से अमेरिका को इस उंचाई पर लाए हैं। आप सभी अमेरिकन ड्रीम का हिस्सा हैं। आपने अमेरिकन ड्रीम को जिया है। आपने दिखाया है कि संकल्प लेकर उसे सिद्धी तक कैसे पहुंचाया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हर देश की विकास यात्रा में एक ऐसा समय आता है जब वह नई उर्जा के साथ एक नया लक्ष्य तय करता है। आज भारत भी एक ऐसे ही समय सीमा से गुज़र रहा है। कुछ समय पहले ही हमने अपनी आज़ादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं और हमने एक संकल्प लिया है। 140 करोड़ हिंदुस्तानियों ने संकल्प लिया है और यह संकल्प है विकसित भारत का। हम भारत में दशकों से चली आ रही समस्याओं का स्थाई समाधान कर रहे है और हम चुनौती को भी चुनौती देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे जिस एक बात ने सबसे ज्यादा आत्मविश्वास दिया, वो भारत और अमेरिका की साझेदारी है। मैं बहुत विश्वास से कह रहा हूं कि ये साझेदारी सिर्फ सुविधा की नहीं है बल्कि ये साझेदारी दीक्षांत, करुणा और साझा प्रतिबद्धता की है। इस साझेदारी की नींव अमेरिका और भारत के नागरिक हैं। इस साझेदारी की एक और खास बात है, पार्टी लाइन के पार, अमेरिका में भारत के लिए जबरदस्त समर्थन है।
प्रधानमंत्री ने कहा, हम भारत के गरीबों को सशक्त कर रहे हैं, उनकेईज ऑफ लिविंग बढ़ा रहे हैं। 10 साल में भारत दुनिया के 10वें नंबर की अर्थव्यवस्था से 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है। कोरोना में भारत ने जिस तरह इस महामारी का सामना किया वो भारत के सामर्थ्य को दिखाता है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस हमारी सरकार का कमिटमेंट है। इतिहास गवाह है जब भी भारत मज़बूत हुआ है पूरी दुनिया का लाभ हुआ है। इस महामारी में भी हमने देखा कि जब दुनिया को दवाईयों की ज़रूरत थी तब भारत ने अपना प्रोडक्शन बढ़ाकर 150 से ज़्यादा देशों को दवाईयां भेजी। जब दुनिया को कोरोना वैक्सीन की ज़रूरत थी तब भारत ने प्रोडक्शन बढ़ाकर 100 देशों को वैक्सीन पहुंचाई थी। ‘हमारा दिल बड़ा है’ विश्व शांति के प्रति हमारा कमिटमेंट उससे भी बड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आज पोस्ट पैनडेमिक वर्ल्ड में अर्थव्यवस्था, महंगाई और स्पलाई चेन की क्या हालत है। इन सबके बीच भारत आज 7% से भी अधिक ग्रोथ से आगे बढ़ रहा है। आज भारत में रिफॉर्म का अभूतपूर्व दौर चल रहा है। हाई ग्रोथ, लॉ इंफ्लेशन का कॉम्बिनेशन आसान नहीं है लेकिन आज भारत यह भी करके दिखा रहा है। हम फिस्कल डेफिसिट को नियंत्रित रखते हुए कैपेक्स में लगातार वृद्धि कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले 2-2.5 साल में ही अमेरिकी कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर से ज्यादा भारत में निवेश किया है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि भारत की कंपनियां भी अमेरिका में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं। भारत की कंपनियां ग्लोबल बन रही हैं। इस सभी का फायदा अमेरिका के युवा और किसानों को हो रहा है। भारत और अमेरिका की ये साझेदारी दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों के हित में है।
प्रधानमंत्री ने कहा, विमानन सेक्टर में डिमांड लगातार बढ़ रही है। इस मांग की पूर्ति के लिए भारत की एयरलाइंस कंपनियां सैंकड़ों एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दे रही हैं, इसका लाभ अमेरिका की कंपनियों को भी हो रहा है। डिफेंस सेक्टर में भारत और अमेरिका की पार्टनरशिप को मेरे इस दौरे में एक नई ऊंचाई मिली है। राष्ट्रपति बाइडेन की दीर्घदृष्टि के लिए पूरा सदन बधाई दे रहा था। भारत-अमेरिका डिफेंस पार्टनरशिप एक हर स्टेट के लोगों के साथ विशिष्ठ प्रकार का नाता बना रहा है। एरिजोना में बनने वाले अपाचे हेलीकॉप्टर, जॉर्जिया के C30s के सुपर हरकुलिस व अन्य भारत के साथ ही अमेरिका के डिफेंस और एयरों सेक्टर को मज़बूती दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत और अमेरिका की सरकारों ने आपके लिए ग्राउंड वर्क कर दिया है। इसमें जो ज़रूरी होगा वह हम आगे भी करते रहेंगे लेकिन अब इस ग्राउंड पर खुलकर खेलने और खिलने की ज़िम्मेदारी आपकी है और जो खेलेगा वही खिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत के पास आने वाले समय की एक और चुनौती का सबसे बड़ा समाधान है, यह चुनौती है एजिंग की, इससे खपत, उत्पादन और नवाचार को प्रभावित करता है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश है। दुनिया का सबसे बड़ा युवा टैलेंट भारत के पास है इसलिए जो भी देश इस समय भारत से जुड़ेगा उसका उतना ही फायदा होगा। आज भारत में हर सप्ताह एक नई यूनिवर्सिटी बन रही है। भारत में हर दो दिन में एक नया कॉलेज बन रहा है। भारत में हर दिन एक नई ITI की स्थापना हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि भारत-अमेरिकी साझा सपना और दृढ़ संकल्प 21वीं सदी में दुनिया कि तकदीर बदलने का सामर्थ्य रखता है। मैं आपको भारत की इस विकास यात्रा में एक साथ आगे बढ़ने के लिए फिर एक बार आमंत्रित करता हूं।
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) कार्यक्रम में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, “प्रधानमंत्री, यह वास्तव में वाशिंगटन की एक ऐतिहासिक यात्रा रही है।”