नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में सिविल सेवकों को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन
आप सभी को सिविल सेवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इस साल का सिविल सेवा दिवस बहुत अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसा समय है जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
देश को आजादी के अमृतकाल तक लाने के लिए उन अधिकरियों की बड़ी भूमिका रही जो 15-25 साल पहले इस सेवा में आए हैं और अब आजादी के इस अमृतकाल में उन युवा अधिकारियों की भूमिका सबसे बड़ी है जो अगले 15-25 साल इस सेवा में रहने वाले हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
आपको इस कालखंड में देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। आजादी के अमृतकाल में देश की स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को पूरा करने का दायित्व हम सभी पर है। हमारे पास समय कम है लेकिन सामर्थ्य भरपूर है, हमारे लक्ष्य कठिन हैं लेकिन हौसला कम नहीं है, हमें पहाड़ जैसी ऊंचाई भले ही चढ़नी हैं लेकिन इरादे आसमान से भी ज्यादा ऊंचे हैं: पीएम मोदी
पिछले 9 वर्षों में अगर भारत के विकास को नई गति मिली है तो ये भी आपकी भागीदारी के बिना संभव नहीं था। पिछले 9 वर्षों में भारत आज जहां पहुंचा है, उसने हमारे देश को बहुत ऊंची छलांग के लिए तैयार कर दिया है। देश में ब्यूरोक्रेसी वही है, अधिकारी-कर्मचारी वही हैं लेकिन परिणाम बदल गए हैं। पिछले 9 वर्षों में भारत अगर विश्व पटल पर एक विशिष्ट भूमिका में आया है तो इसमें आपका सहयोग भी रहा है: पीएम मोदी
आज भारत डिजिटल पेमेंट के मामले में नंबर वन है। भारत उन देशों में से एक है जहां मोबाइल डेटा सबसे सस्ता है। आज देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था बहुत बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है 2014 के मुकाबले आज देश में 10 गुना ज्यादा तेजी से रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो रहा है: पीएम मोदी
बीते वर्ष 15 अगस्त को मैंने लाल किले से देश के सामने ‘पंच प्राणों’ का आह्वान किया था। विकसित भारत के निर्माण का विराट लक्ष्य हो, गुलामी की हर सोच से मुक्ति हो, भारत की विरासत पर गर्व की भावना हो, देश की एकता और एकजुटता को निरंतर सशक्त करना हो और अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखना हो… इन पंच प्राणों की प्रेरणा से जो ऊर्जा निकलेगी, वो हमारे देश को वो ऊंचाई देगी, जिसका वो हमेशा से हकदार रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी