भारत का चालू खाता घाटा वित्तीय वर्ष 2023 के जनवरी से मार्च तक की तिमाही में कम होकर एक अरब 30 करोड़ डॉलर हो गया है। यह सकल घरेलू उत्पाद का शून्य दशमलव दो प्रतिशत है। रिजर्व बैंक से कल जारी आंकड़ों के अनुसार ऐसा व्यापार घाटे के संतुलन और सेवाओं के निर्यात में मजबूत बढ़ोत्तरी की वजह से हुआ है। हालांकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में चालू खाता घाटे में सकल घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत के बराबर कमी दर्ज की गई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह एक दशमलव दो प्रतिशत थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 के भुगतान संतुलन आंकड़ों के अनुसार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 28 अरब डॉलर रहा, जबकि 2021-22 में यह 38 अरब 60 करोड़ डॉलर था।
पिछले वित्त वर्ष की जनवरी से मार्च की तिमाही में देश का चालू खाता घाटा कम होकर एक अरब तीस करोड़ डॉलर हुआ