दो सौ मीट्रिक टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) ले जा रहे भारतीय रेल के दस कंटेनर कल रात बंग्लादेश के बिनापोल पहुंच गये। यह रेलगाड़ी कल सुबह दक्षिण मध्य रेलवे के झारखंड के टाटानगर स्टेशन से रवाना हुई थी। इस रेलगाड़ी को आज सुबह बंग्लादेश पहुंचना था। लेकिन यह समय से पहले ही कल रात बंग्लादेश की सीमा पर पहुंच गयी।
ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पड़ोसी देश के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाई गई है। इन विशेष रेल सेवाओं को भारत में 24 अप्रैल से शुरू किया गया था। भारत में अब तक ऐसी चार सौ अस्सी ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाई जा चुकी हैं।
ऑक्सीजन की खेप से बंग्लादेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में वृद्धि होगी। बंग्लादेश में पिछले कुछ सप्ताह से कोविड मामलों में बढोत्तरी हो रही है। रेल मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि भारत अपने देश में महामारी की स्थिति में सुधार के बाद अपने पड़ोसी देशों को चिकित्सीय आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले भारत ने बंग्लादेश को ईद की छुट्टियों के दौरान 180 टन से अधिक चिकित्सा ऑक्सीजन सड़क मार्ग से विशेष व्यवस्था करके भिजवाई थी। यह ऑक्सीजन बंग्लादेश की तीन कंपनियों द्वारा बुधवार को बीनापोल सीमा चौकी के माध्यम से 11 टैंकरों में आयात की गई थी।