देश भर में कारगिल विजय दिवस मनाया गया

देश में आज करगिल विजय दिवस मनाया गया। राष्‍ट्र करगिल विजय दिवस पर युद्धनायकों को याद कर र‍हा है और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।1999 में ऑपरेशन विजय में भारतीय सशस्‍त्र बलों की जीत की स्‍मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन सेना ने करगिल पहाडियों से पाकिस्‍तानी सेना समर्थित घुसपैठियों को बाहर निकाला था।

करगिल युद्ध साठ से अधिक दिनों तक चला था और अपने क्षेत्रों पर भारत के फिर नियंत्रण होने के साथ समाप्‍त हुआ था। साठ दिन तक चले इस युद्ध में टाइगर हिल की विजय एक बड़ी उपलब्धि थी। भारतीय सैनिकों ने 18 हजार फुट की ऊचाई पर कठिन परिस्थितियों में करगिल युद्ध लड़ा था।

करगिल की बर्फीली ढलानों पर करीब तीन महीने तक चली लडाई में मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई और टाइगर हिल पर मौजूद दुश्‍मनों के बंकर तबाह कर दिए। आकाशवाणी से बातचीत करते हुए पूर्व एयरवाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने बताया कि 12 दिन की रिकार्ड अवधि में मिराज-2000 के साथ लेजर गाइडिड आयुध प्रणाली और तीव्र लक्ष्‍यभेद क्षमता का तालमेल बैठाया गया। इससे करगिल युद्ध में दुश्‍मन के ठिकानों को नष्‍ट करने में काफी मदद मिली।

करगिल विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी वीर जवानों को नमन किया। द्रौपदी मुर्मू ने एक ट्वीट में कहा कि यह दिवस सशस्त्र बलों की असाधारण वीरता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

करगिल विजय दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 1999 में राष्ट्र की रक्षा करने में अटूट देशभक्ति और अदम्य वीरता का प्रदर्शन करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वेंकैया नायडू ने कहा कि देश करगिल के शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने करगिल विजय दिवस पर मातृभूमि की रक्षा में साहस और शौर्य के लिए देश के वीर सपूतों को नमन किया है। उन्‍होंने कहा कि करगिल विजय दिवस मॉं भारती के गौरव का प्रतीक है।

करगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत सशस्त्र बलों की बहादुरी, साहस और बलिदान को सलाम करता है। उन्होंने कहा कि जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अत्यंत कठोर परिस्थितियों में बहादुरी से लड़ाई लड़ी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सवेरे नई दिल्ली में राष्ट्रीय समर स्मारक पर कारगिल युद्ध में बहादुरी से लड़ने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। तीनों सेना प्रमुखों- थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने भी राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि करगिल युद्ध के दौरान बहादुर सैनिकों का सर्वोच्च और बेजोड़ बलिदान देश के युवाओं को हमेशा निस्वार्थ भाव से देशसेवा के लिए प्रेरित करेगा।

चांदगढ़ में युद्ध स्मारक पर करगिल विजय के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के असाधारण साहस और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाधाओं के बावजूद भारतीय सैनिकों ने जुलाई 1999 में कारगिल, द्रास और बटालिक क्षेत्रों में घुसपैठ करने वाले पाकिस्तानी सशस्त्र बलों को हराया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ के बोगनविलिया गार्डन में युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया और करगिल ऑपरेशन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पंजाब के वीर सपूतों को नमन किया।

करगिल विजय दिवस की 23वीं वर्षगांठ पर सर्वोच्‍च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को मेघालय में श्रद्धांजलि दी गई।

शिलांग के रायनो हैरिटेज म्‍युजियम में एरिया 101 के जनरल आफिसर कमांडर लैफ्टिनेंट जनरल के सी पंचनाथन ने मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्‍मानित कैप्टन के सी नौनग्रम और मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्‍मानित मेजर डेविड मानलुम की प्रतिमाओं पर पुष्‍प समर्पित किए। देश के सम्‍मान की रक्षा करते हुए इन दोनों ही वीरों ने करगिल युद्ध में सर्वोच्‍च बलिदान किया था।

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