सरकार ने आज कहा कि देश भर के गांवों में 66 प्रतिशत विद्यालयों और 60 प्रतिशत आंगनवाड़ी केन्द्रों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है। जल शक्ति मंत्रालय ने कहा है कि विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को स्वच्छ नल जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभियान पिछले साल दो अक्टूबर को शुरू किया गया था। दस महीने से भी कम समय में छह लाख 85 हजार विद्यालयों, छह लाख 80 हजार आंगनवाड़ी केन्द्रों और दो लाख 36 हजार ग्राम पंचायतों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में नल जल पहुंचाने की व्यवस्था की जा चुकी है।
नौ राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश के सभी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्वच्छ नल जल की आपूर्ति की व्यवस्था की जा चुकी है। इन राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में आंध्र प्रदेश, गोआ, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल 29 सितम्बर को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से प्राथमिकता के आधार पर प्रत्येक विद्यालय और आंगनवाड़ी केन्द्र में नल से जल की व्यवस्था करने की अपील की थी। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करने के लिए जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पिछले साल दो अक्टूबर को 100 दिन का जागरुकता अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश भर में बच्चों को स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराने की तुरंत आवश्यकता के संबंध में जागरुकता पैदा करना था। दूषित पेयजल और खराब साफ-सफाई व्यवस्था से बच्चों को जलजनित बीमारी जैसे डायरिया, दस्त, हैजा और टाइफाइड होने की आशंका होती है।