गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश की आजादी के शताब्दी वर्ष तक भारत और इसके युवाओं को नशा मुक्त करने का लक्ष्य है। नई दिल्ली में ‘मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने कहा कि ऐसा भारत बनाने का लक्ष्य है जहां एक भी युवा नशे का आदी न हो। उनकी मौजूदगी में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो द्वारा सभी राज्यों की मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल के समन्वय से देश के विभिन्न हिस्सों में दो हजार 378 करोड़ रुपये मूल्य के एक लाख 40 हजार किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ नष्ट किए गए। एक ही दिन में सबसे अधिक मात्रा में नशीले पदार्थ नष्ट करने का यह रिकॉर्ड है।
गृहमंत्री ने कहा कि भारत जैसे देश में नशीली दवाओं की तस्करी और उनका उपयोग न केवल आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद करता है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय क्षेत्रीय सम्मेलनों की बैठकों के माध्यम से नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सबसे बड़ी जीत जागरूकता पैदा करना है। अमित शाह ने कहा कि जब तक देश के युवाओं और अभिभावकों के मन में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा नहीं होगी तब तक यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को पूरी तरह रोकने के लिए इसका पता लगाने, इसका नेटवर्क नष्ट करने, अपराधियों की धरपकड़ और नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर समान रूप से ध्यान देना होगा।