तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अराजकता और सैन्य तनाव पैदा करने का आरोप लगाया

तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अराजकता और सैन्य तनाव पैदा करने का आरोप लगाया

अफगानिस्‍तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर अराजकता और सैन्य तनाव पैदा करने का आरोप लगाया है। तालिबान के कमांडर जनरल मुबीन खान ने कहा कि पाकिस्तान जानबूझकर सीमा पर उसके फलों के निर्यात में देरी कर रहा है। तालिबान कमांडर का यह बयान तालिबान बलों और पाकिस्तानी सेना के बीच हिंसा के एक सप्‍ताह बाद आया है। इस हिंसा में कथित तौर पर तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। जनरल खान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में चाहे कोई भी सत्ता में हो उसका मकसद हमेशा अफगानिस्तान को नुकसान पहुंचाना रहा है। पाकिस्तानी सेना के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच, तालिबान अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान को व्यापार के लिए चीन की निजी कंपनी के स्वामित्व वाले ग्वादर या कराची बंदरगाह की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि चाबहार बंदरगाह का इस्तेमाल करने के लिए अफगानिस्तान पहले ही ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है।

पिछले साल, सितंबर में, तालिबान ने आश्वासन दिया था कि नई अफगानिस्तान सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है और वे अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चाबहार बंदरगाह में इसकी भूमिका का समर्थन करेंगे। तालिबान कमांडर ने भारत के साथ संबंध मजबूत करने की इच्छा व्यक्त करते हुए, यह भी कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री को भारत जाना चाहिए और भारत में आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी सेना की भूमिका का पर्दाफाश करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी मसूद अजहर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट है। उन्होंने दावा किया कि आईएसआई ने अल-कायदा के आतंकवादी सैफुल्ला अख्तर को कश्मीर में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया था।

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