तमिलनाडु में नई सरकार के गठन में देरी से राजनीतिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। सरकार बनाने के लिए आवश्यक एक सौ 18 के बहुमत तक पहुंचने के लिए बातचीत जारी है। डीएमके और ऑल इंडिया अन्ना डीएमके पार्टी ने कल नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। ऑल अन्ना डीएमके पार्टी के महासचिव ई. पलनीसामी को विधायक दल का नेता चुना गया। राज्य की सबसे बड़ी पार्टी तमिलग् वेत्री कड़गम- टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर विदुथलाई चिरूथइगल काची, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक आज होगी।
एआईएडीएमके और डीएमके की विधायक दल की बैठक का नतीजा भी महत्वपूर्ण है। डीएमके प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी का यह कर्तव्य है कि वह अपना बहुमत साबित करे और साथ ही यह भी कहा कि डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन कोई संवैधानिक संकट नहीं चाहते। गौरतलब है कि विधायक दल की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पुद्दुचेरी एआईएडीएमके के सचिव ए. अनबाझगन ने कहा कि फैसला लेने का अधिकार पार्टी के महासचिव को दिया गया है। उन्होंने बहुमत के मुद्दे पर राज्यपाल के फैसले की सराहना की और कहा कि मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता में अप्रत्याशित फैसले भी हो सकते हैं। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि उनके नेता स्टालिन की चुनाव में हार से दुखी हैं।
