विदेश मंत्री एस. जयशंकर एशिया में आपसी संवाद और विश्वास बहाली उपायों के बारे में गठित मंच की छठी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए कजाख्स्तान में नूर सुल्तान पहुंच गए हैं। एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में बहुपक्षीय दृष्टिकोण के माध्यम से सहयोग बढाने के उद्देश्य से इस मंच की स्थापना 1999 में की गयी थी। वर्तमान में इस मंच में 27 सदस्य देश, नौ पर्यवेक्षक और पांच पर्यवेक्षक संगठन हैं। भारत स्थापना से ही इस मंच का सदस्य है और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
डॉ. जयशंकर की कजाख्स्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी मिलने की संभावना है। डॉ. जयशंकर ने कजाख्स्तान की अपनी यात्रा की शुरूआत उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री अब्दुल अजीज कमिलोफ के द्वपिक्षीय बैठक से की।
डॉ. जयशंकर ने तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री राशिद मेरेदोफ के साथ भी भेंट की और द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय सहयोग पर बातचीत की। दोनों मंत्रियों ने पड़ोसी देशों के घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया और एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।