डाक विभाग (डीओपी) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के वरिष्ठ पदाधिकारियों की दो दिवसीय बैठक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के तकनीकी कौशल एवं बैंकिंग प्लेटफॉर्म के साथ डाक विभाग की वितरण क्षमता का लाभ उठाते हुए, प्रत्येक परिवार को बैंकिंग सुविधा एवं अभिनव उत्पाद प्रदान करने के लिए गहरे प्रभाव के साथ फोर्स मल्टीप्लायर सृजित करने पर जोर देने का साथ संपन्न हुई।
बैठक के पहले दिन विभिन्न नई परियोजनाओं और कुछ अन्य पहल के बारे में जानकारी दी गई। ये परियोजनाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान फिनक्लुवेशन सुर्खियों में रहा। यह दूरदराज के क्षेत्रों में फिनटेक समाधान प्रदान करने की शुरुआत के लिए आईपीपीबी-डीओपी के साथ साझेदारी के लिए स्टार्टअप का प्लेटफॉर्म है। इसके अलावा कुछ नई पहल के बारे में भी जानकारी दी गई जैसे ब्रांच पोस्ट ऑफिस (बीओ) का डिजिटलीकरण करते हुए उसे विभिन्न यूपीआई सेवाओं के जरिये क्यूआर आधारित भुगतान में समर्थ बनाना। यह डाकघरों को डिजिटल बैंकिंग आउटलेट में बदलने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।
आईपीपीबी के एमडी एवं सीईओ जे. वेंकटरामु ने ‘वन नेशन वन सर्विस प्लेटफॉर्म’ के दृष्टिकोण पर काम करते हुए मौजूदा 5 करोड़ और अगले 1 अरब ग्राहकों को उनके जीवन की जरूरतों के आधार पर डीओपी एवं आईपीपीबी के उत्पादों एवं सेवाओं के साथ सेवाएं प्रदान करने के बारे में अपने विचार साझा किए।
दूसरे दिन, डाक विभाग के सचिव विनीत पांडे द्वारा डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा के लिए आईपीपीबी मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिये प्रीमियम के डिजिटल भुगतान की बहुप्रतीक्षित सुविधा को लॉन्च किया गया। यह सुविधा ग्रामीण डाक सेवकों/ डाकिया की मदद से लोगों के दरवाजे तक और डाकघर के काउंटरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। आईपीपीबी जल्द ही लोन रेफरल और कैश मैनेजमेंट सर्विसेज जैसे नए उत्पादों की पेशकश करेगा। वह ग्राहकों को निर्बाध सेवाएं प्रदान करने के लिए संभावित आईपीपीबी-पीओएसए लिंकेज को चालू करने की दिशा में भी काम करेगा।
देश के प्रत्येक परिवार तक सेवाएं प्रदान करने के लिए वित्तीय समावेशन के साथ यूनिवर्सल बैंकिंग प्लेटफॉर्म बनने के व्यापक दृष्टिकोण के तहत बाजार में कदम रखने के संकल्प के साथ आरोहण 4.0 का समापन हुआ।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में:
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अंतर्गत सरकार की 100 प्रतिशत शेयर हिस्सेदारी के साथ की गई है। आईपीपीबी को 1 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस बैंक की स्थापना भारत में आम लोगों के लिए सबसे सुलभ, किफायती और भरोसेमंद बैंक बनाने की दृष्टि से की गई है। आईपीपीबी का मूल उद्देश्य बिना बैंकिंग सुविधा वाले और कम बैंकिंग सुविधा वाले लोगों के लिए बाधाओं को दूर करना और 1,60,000 डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में 1,45,000) एवं 4,00,000 डाक कर्मचारियों के नेटवर्क का लाभ उठाते हुए दूरदराज के क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। आईपीपीबी की पहुंच और इसका ऑपरेटिंग मॉडल इंडिया स्टैक के प्रमुख स्तंभों- सीबीएस एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के जरिये ग्राहकों के दरवाजे पर कागज रहित, नकदी रहित और उपस्थिति रहित बैंकिंग को सरल एवं सुरक्षित तरीके से समर्थ करने- के आधार पर तैयार किया गया है। किफायती नवाचारों का लाभ उठाते हुए और आम लोगों के लिए बैंकिंग सुगमता पर ध्यान केंद्रित करते हुए आईपीपीबी 13 भाषाओं में सरल एवं किफायती बैंकिंग समाधान प्रदान करता है। आईपीपीबी कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तभी समृद्ध होगा जब प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सुरक्षित एवं सशक्त बनने का समान अवसर मिलेगा। आईपीपीबी का आदर्श वाक्य है- प्रत्येक ग्राहक महत्वपूर्ण है, प्रत्येक लेनदेन महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जमा मूल्यवान है।
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