भारत की अध्यक्षता में जी-20 के दीर्घकालिक वित्तीय कार्यसमूह की बैठक की मेज़बानी असम करेगा। यह बैठक गुरुवार से गुवाहाटी में शुरू होगी। बैठक का विषय- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है और इसका ध्येय वाक्य वसुधैव कुटुम्बकम है। 2 और 3 फरवरी को होने वाली इस बैठक में जी-20 के सदस्य देशों, अतिथि देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 94 प्रतिनिधि भाग लेंगे। गुवाहाटी में 7 और 8 फरवरी को युवा-20 प्रारम्भिक बैठक भी होगी, जिसमें 250 प्रतिनिधि भाग लेंगे। असम के विभन्न अकादमिक संस्थानों के 400 विद्यार्थी भी बैठक में शामिल होंगे। अगस्त 2023 में होने वाले वाई-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में देशभर में वाई-20 विषय पर होने वाली पांच बैठकों में से यह पहली बैठक है। यह बैठक शांति स्थापना और समस्या समाधान, औद्योगिक कार्यों के भविष्य, जलवायु परिवर्तन और आपदा के जोखिम में कमी लाने, लोकतंत्र और शासन में युवाओं की भूमिका, स्वास्थ्य तथा खेलों से संबंधित विषयों पर केन्द्रित रहेगी।
असम सरकार ने राज्य में विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इस दौरान प्रतिनिधियों को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, पोबीतोरा वन जीव अभ्यारण्य, गोरभंगा आरक्षित वन, ब्रह्मपुत्र नदी के द्वीप और विरासत केन्द्र की सैर कराने का प्रबंध किया गया है, ताकि समृद्ध जैव-विविधता और सामाजिक, सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय फलक पर बढ़ावा दिया जा सके। दीर्घकालिक वित्त संबंधी कार्यसमूह जी-20 के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र है। इसका उद्देश्य वैश्विक विकास और स्थिरता के लिए दीर्घकालिक स्तर पर वित्त उपलब्ध कराना तथा अधिक हरित, और अधिक लचीले तथा समावेशी समाज और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस समूह पर दीर्घकालिक वित्त के लिए संस्थागत और बाज़ार संबंधी बाधाओं की पहचान करने की जिम्मेदारी है। साथ ही, 2030 के एजेंडे और पेरिस समझौते के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए इन बाधाओं से निपटने के विकल्पों को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को बेहतर बनाने के संबंध में भी योगदान करना है।
