जन औषधि स्टोर की संख्या 8,366 के पार पहुंची; सभी 736 जिलों तक पहुंच

जन औषधि स्टोर की संख्या 8,366 के पार पहुंची; सभी 736 जिलों तक पहुंच

सभी को सस्ती कीमतों पर अच्छी किस्म की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) को रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा नवंबर, 2008 में शुरू किया गया था। 10 अक्टूबर 2021 तक, जेनेरिक दवाओं की दुकानों की संख्या बढ़कर 8,366 हो गई है। योजना के तहत सभी 736 जिले शामिल हैं। इससे देश के कोने-कोने में लोगों तक सस्ती दवा की पहुंच आसान होगी। सरकार ने मार्च 2024 तक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों की संख्या को 10,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। पीएमबीजेपी के उत्पाद समूह में 1,451 दवाएं और 240 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, नई दवाएं और न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद जैसे प्रोटीन पाउडर, माल्ट-आधारित खाद्य पूरक, प्रोटीन बार, इम्युनिटी बार, सैनिटाइज़र और मास्क आदि लॉन्च किए गए हैं।

पीएमबीजेपी के तहत उपलब्ध दवाओं की कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक कम है। पिछले वित्त वर्ष (2020-21) के दौरान पीएमबीजेपी ने 665.83करोड़ एमआरपी पर) रुपये की बिक्री हासिल की है। इससे देश के आम नागरिकों के करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। चालू वित्त वर्ष में यानी 2021-22 से 10अ क्टूबर 2021 तक, बीपीपीआई ने 431.65 करोड़ रुपए की दवाओं की बिक्री की है जिससे नागरिकों को करीब 2500 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वर्तमान में पीएमबीजेपी के तीन गोदाम गुरुग्राम, चेन्नई और गुवाहाटी में काम कर रहे हैं और चौथा सूरत में निर्माणाधीन है। इसके अलावा, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की आपूर्ति को गति प्रदान करने के लिए देश भर में 37वितरक कार्य कर रहे हैं।

फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई), फार्मास्युटिकल विभाग के तत्वावधान में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में 10 अक्टूबर 2021 को देश के 750 स्थानों पर “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाया, जिसमें सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे।

पीएमबीआई द्वारा 34 मुख्य स्थलों और 2 प्रतिष्ठित जगहों पर एक पूरे दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां स्वास्थ्य जांच शिविर, जन औषधि परिचर्चा और 75 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिक चिकित्सा किट का मुफ्त वितरण किया गया।

इसी तरह 714 अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां प्रत्येक स्थान पर 75 “प्राथमिक चिकित्सा किट” 75 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों में वितरित की गईं। पीएमबीआई के अधिकारियों ने आम जनता, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, फार्मासिस्टों, जन औषधि मित्रों और हितधारकों आदि को पीएमबीजेपी की मुख्य विशेषताओं से अवगत कराया।

50,000 से अधिक लाभार्थियों को पीएमबीजेपी उत्पादों की यह “प्राथमिक चिकित्सा किट” प्रदान की गई। इन कार्यक्रमों के दौरान प्राथमिक उपचार किट के रूप में किट के साथ-साथ माननीय प्रधानमंत्री के संदेश वाला एक ब्रोशर भी वितरित किया गया।

देश भर में लगभग 1 लाख नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच शिविर में भाग लिया।

बैंगलोर, कर्नाटक में आयोजित एक कार्यक्रम में केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक डॉ. मंत्री मनसुख मंडाविया और कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में लगभग 1,000नागरिकों ने भाग लिया। माननीय कैबिनेट मंत्री और कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना में उनके योगदान के लिए जन औषधि मित्रों और जन औषधि प्रबुद्धों को सुविधा प्रदान की।

कर्नाटक के बीदर में आयोजित एक अन्य प्रतिष्ठित कार्यक्रम में माननीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने भाग लिया। इसमें लगभग 1000 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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