श्रीलंका ने भारत को सूचित किया है कि वह एक वर्ष तक चीन के किसी भी शोधार्थी-जहाज़ को अपने बंदरगाहों पर विशेष आर्थिक क्षेत्र में परिचालन की अनुमति नहीं देगा। पिछले वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भारत की रणनीतिक और सुरक्षा चिंताओं का सम्मान करने का आग्रह किया था। इसके बाद से ही यह मामला विचाराधीन था।
मीडिया की खबरों के अनुसार पिछले सप्ताह शीर्ष राजनयिक चैनलों के माध्यम से भारत को इस रोक की जानकारी दे दी गई।
इसके अनुसार श्रीलंका अब चीन के वैज्ञानिक अनुसंधान जहाज जियांग यांग होंग 3 को मंजूरी नहीं देगा, जो 5 जनवरी से मई महीने तक दक्षिण हिन्द महासागर में खोज करने वाला था।
श्रीलंका ने कहा है कि भारत की सुरक्षा चिंता श्रीलंका के लिए महत्वपूर्ण है। अनेक अवसरों पर श्रीलंका के शीर्ष नेताओं ने इस बात का उल्लेख किया है कि भारत सहित अनेक देशों के परामर्श से समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और ऐसे जहाजों की यात्राओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गयी है।
