गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने 2015 से अब तक लगभग दो अप्रासंगिक कानून निरस्त किये हैं। आज नई दिल्ली में विधायी मसौदे तैयार करने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद कानूनी क्षेत्र में अनेक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि विधायी मसौदा तैयार करना विज्ञान या कला नहीं है बल्कि यह कौशल है जो सही भावना से कार्यान्वित किया जाना चाहिए। गृहमंत्री ने कहा कि कानून स्पष्ट होना चाहिए और उसमें खामी की कोई भी गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संसद और राज्य विधायिकाओं के अधिकारियों से आग्रह किया कि कानून का मसौदा सरल और स्पष्ट शब्दों में बनाया जाना चाहिए ताकि किसी भी बिंदु पर कोई टकराव न हो।
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