पिछले वर्षों की तरह, खरीफ विपणन अवधि (केएमएस) 2021-22 के तहत हाल में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद शुरू हुई। खरीफ विपणन अवधि (केएमएस) 2021-22 के दौरान 05.10.2021 तक 563.60 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कुल 2,87,552 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जिससे 29,907 किसानों को लाभ हुआ है। हरियाणा में कुल 1,46,509 मीट्रिक टन और पंजाब में 1,41,043 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।
दिनांक 05.10.2021 तक कुल 894.24 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान (खरीफ फसल 718.09 लाख मीट्रिक टन और रबी फसल 176.15 लाख मीट्रिक टन शामिल) की खरीद के साथ खरीफ 2020-21 की अवधि में धान की खरीद लगभग समाप्त हो गई है। पिछले साल की इसी अवधि में 768.70 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान की खरीद की गई थी।
खरीफ विपणन अवधि (केएमएस) 2020-21 के दौरान 1,68,832.78 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की गई खरीद से लगभग 131.14 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। इस अवधि के दौरान हुई धान की खरीद 2019-20 के खरीफ विपणन अवधि (केएमएस) के पिछले उच्च स्तर 770.93 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) को पार करते हुए अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई।
रबी विपणन अवधि (आरएमएस) 2021-22 के दौरान 85,603.57 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कुल 433.44 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की खरीद की गई (जोकि अब तक का सबसे अधिक है) और इससे लगभग 49.20 लाख किसान लाभान्वित हुए।