कैबिनेट ने अरूणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में 1200 मेगावाट की क्षमता वाली वाली कलाई-II जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी

कैबिनेट ने अरूणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में 1200 मेगावाट की क्षमता वाली वाली कलाई-II जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी

Cabinet approved the investment proposal for the construction of the 1,200 MW Kalai-II Hydroelectric Project in the Anjaw district of Arunachal Pradesh

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने कलाई-II जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 14,105.83 करोड़ के निवेश प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। परियोजना का निर्माण अरूणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर किया जाएगा, और इसके पूरा होने की अनुमानित अवधि 78 महीने है।

उम्‍मीद है कि 1200 मेगावाट (6 x 190 मेगावाट और 1 x 60 मेगावाट) की स्थापित क्षमता वाली इस परियोजना से प्रति वर्ष 4852.95 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली उत्पादन होगा। लोहित बेसिन की पहली जलविद्युत परियोजना के रूप में, यह राज्य में बिजली आपूर्ति में सुधार लाएगी, बिजली की अधिक मांग वाले समय में प्रबंधन में सहायता करेगी और राष्ट्रीय ग्रिड के संतुलन में योगदान देगी।

इस परियोजना को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और अरूणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम कम्‍पनी के माध्यम से लागू किया जाएगा। सरकार इस परियोजना के लिए राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपये की केन्‍द्रीय वित्तीय सहायता के अलावा आवश्‍यक बुनियादी ढांचे जैसे सड़कों, पुलों और ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण के लिए 599.88 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान करेगी।

राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली प्राप्त होगी, साथ ही 1 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) के लिए निर्धारित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ढांचागत और सामाजिक-आर्थिक लाभ सुनिश्चित होंगे।

अरूणाचल प्रदेश के नामसाई और अंजॉ जिले के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस परियोजना के तहत लगभग 29 किलोमीटर सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जो मुख्यतः स्थानीय उपयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। स्थानीय लोगों को विभिन्न प्रकार के मुआवज़े, रोजगार के अवसर और सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से भी लाभ मिलेगा।

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