वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि केन्द्र सरकार इस महीने राज्यों को एक अग्रिम किस्त सहित कर हस्तांतरण के रूप में 95 हजार 82 करोड़ रुपए जारी करेगी। केंद्र वित्त आयोग की व्यवस्था के अनुरूप राज्यों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने में मदद के लिये कर संसाधन का हस्तांतरण करता है। दिल्ली में कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, वित्तमंत्रियों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ विचार-विमर्श के बाद पत्रकारों से बातचीत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि इससे राज्यों के पास बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए और अधिक धन उपलब्ध होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्यों ने कर हस्तांतरण के अग्रिम भुगतान के लिये अनुरोध किया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद देश की अर्थव्यवस्था में फिर तेजी आ रही है और सरकार का ध्यान सतत विकास और वृद्धि दर दहाई अंक तक ले जाने पर है।
बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के विकास के प्रति अनुकूल धारणा बनी है। केंद्र सरकार के ढांचागत और वित्तीय सुधारों के कारण देश में निवेश के प्रति घरेलू और विदेशी निवेशकों का रूझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्यों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए निवेश बढ़ाना चाहिए। निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि उन्हें आने वाले समय में भारत को तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए आकर्षक निवेश उपायों और कारोबार में आसानी के लिए कार्य करना चाहिए।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोल और डीजल में हाल ही में उत्पाद शुल्क में की गई कटौती केंद्र सरकार वहन करेगी और इससे राज्यों के राजस्व में कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।