प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर अल्पकालिक नकदी की कमी को दूर करने के लिए पात्र उधारकर्ताओं को दी गई अतिरिक्त ऋण सुविधा के तहत डिफ़ॉल्ट राशि के लिए राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को गारंटी कवरेज प्रदान करना है। इसमें एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज का प्रावधान है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- पात्र उधारकर्ता : 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा वाले एमएसएमई और गैर-एमएसएमई तथा बकाया ऋण सुविधाएं रखने वाली शेड्यूल्ड यात्री एयरलाइन्स, बशर्ते उनके खाते मानक हों।
- गारंटी कवरेज : एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई के साथ-साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत।
- गारंटी शुल्क : शून्य।
- सहायता की मात्रा : वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के दौरान उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण (अधिकतम 100 करोड़ रुपये)। एयरलाइंस के लिए 100 प्रतिशत तक (प्रति उधारकर्ता अधिकतम 1,500 करोड़ रुपये, कुछ विशिष्ट शर्तों को पूरा करने के अधीन)।
- ऋण की अवधि :
- एमएसएमई/गैर-एमएसएमई (एयरलाइन क्षेत्र को छोड़कर) के लिए : पहले संवितरण की तिथि से 5 वर्ष, जिसमें 1 वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है।
- एयरलाइन क्षेत्र के लिए : पहले संवितरण की तारीख से 7 वर्ष, जिसमें 2 वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है।
- गारंटी कवर की अवधि : गारंटी कवर की अधिकतम अवधि ऋण की अवधि के साथ को-टर्मिनस होगी।
- योजना की अवधि : यह योजना एनसीजीटीसी द्वारा इन दिशानिर्देशों को जारी करने की तिथि से लेकर 31 मार्च, 2027 तक की अवधि के दौरान स्वीकृत सभी ऋणों पर लागू होगी।
प्रभाव:
इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से व्यवसायों को उबरने में सक्षम बनाना है। इसके अतिरिक्त, इससे व्यवसायों को अपना परिचालन बनाए रखने, नौकरियों की रक्षा करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित ऋण गारंटी योजना व्यवसायों, विशेष रूप से एमएसएमई और एयरलाइन क्षेत्र को, बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा उनकी अतिरिक्त कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर तरलता प्रदान करके यह योजना व्यवसायों को बनाए रखेगी और नौकरियों के नुकसान को रोकेगी। यह निर्बाध घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा देगी और इकोसिस्टम की सुदृढ़ता को बनाए रखेगी।
