कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के सभी मामलों की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा है कि वह इस जांच पर नजर रखेगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि जांच में मदद के लिए पश्चिम बंगाल काडर के वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर एक विशेष टीम गठित की जाएगी।
हाई कोर्ट ने इससे पहले चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को जांच का आदेश दिया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में हिंसा के लिए ममता बनर्जी सरकार को दोषी ठहराते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। आयोग ने यह भी कहा था कि मामलों की सुनवाई राज्य के बाहर की जानी चाहिए।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि वे चाहते हैं कि लोगों को न्याय मिले। दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अध्ययन के बाद प्रतिक्रिया दी जायेगी।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की सीबीआई जांच कराने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा ने आज राज्य सरकार की तीखी आलोचना की।
नई दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हत्या और अपराध से संबंधित अदालत की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि ममता बनर्जी सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रही है।