एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग जलवायु केन्द्र के पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई से सितंबर तक जब मानसून चरम पर होगा तब भारत में औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इसमें अप्रैल से जून और जुलाई से सितंबर के लिए दो अलग-अलग आकलन किये गये हैं। वहीं हाल ई एन एस ओ की ओर से जारी चेतावनी में एल नीनो से ला नीना की स्थितियों में सुचारू रूप से बदलाव की बात कही गई है। माना गया है कि मानसून की स्थिति में बदलाव इसी पूर्वानुमान पर आधारित है।
Related posts
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की...
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर...
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली: केंद्र...