उद्यम और यूएपी पर पंजीकृत उद्यमों की कुल संख्या चार करोड़ के पार

15 मार्च, 2024 को उद्यम और यूएपी पर पंजीकृत उद्यमों की कुल संख्या चार करोड़ को पार कर गई, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई तय मानकों के आधार पर आधिकारिक बनाने की पहल का प्रमुख पड़ाव है। मंत्रालय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के प्रचार और विकास को प्रोत्‍साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय ने 26 जून, 2020 की एक अधिसूचना के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के वर्गीकरण के लिए संयंत्र और मशीनरी तथा कारोबार में निवेश के एक समग्र प्रारूप को अपनाया। एक जुलाई, 2020 की एक अधिसूचना के माध्यम से, पैन (पर्सनल अकाउंट नंबर) रखने वाले उद्यमों को आधिकारिक बनाने के लिए एक सरल, ऑनलाइन और मुफ्त उद्यम पंजीकरण पोर्टल यानी उदयम लॉन्च किया गया था। उद्यम पंजीकरण संयंत्र व मशीनरी में निवेश और कारोबार, दोनों को केन्‍द्र में रखता है। संयंत्र व मशीनरी में निवेश और कारोबार का विवरण सीबीडीटी और जीएसटीएन के डेटाबेस से लिया जाता है।

इसके बाद, मंत्रालय ने जीएसटीआईएन नहीं रखने वाले उद्यमों के लिए 11 जनवरी, 2023 को उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म (यूएपी) लॉन्च किया। भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना एस.ओ. 1296(ई) दिनांक 20 मार्च, 2023, निर्दिष्ट करती है कि अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों (आईएमई) को यूएपी पर जारी प्रमाणपत्र को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र के बराबर माना जाएगा। तदनुसार, आरबीआई ने अपने परिपत्र दिनांक 9 मई, 2023 को यह भी वर्गीकृत किया कि उद्यम सहायता प्रमाणपत्र वाले आईएमई को पीएसएल वर्गीकरण के प्रयोजनों के लिए एमएसएमई के तहत सूक्ष्म उद्यमों के रूप में माना जाएगा।

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