उत्तराखंड में 12 नवंबर से सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे सभी 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। सिल्कयारा सुरंग स्थल से एम्बुलेंस रवाना हुई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने सिल्क्यारा सुरंग से बचाए गए श्रमिकों से मुलाकात की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, “मुझे यह जानकर राहत और खुशी महसूस हो रही है कि उत्तराखंड में एक सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को बचा लिया गया है। बचाव प्रयास को बाधाओं का सामना करना पड़ा जिसके कारण 17 दिनों से अधिक तक मजदूरों को पीड़ा सहनी पड़ी, यह मानव सहनशक्ति का एक प्रमाण है…मैं उन टीमों और सभी विशेषज्ञों को बधाई देती हूं जिन्होंने इतिहास के सबसे कठिन बचाव अभियानों में से एक को पूरा करने के लिए अविश्वसनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए सुरंग हादसे में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बचाए जाने की खबर से मुझे बेहद खुशी हो रही है। इस ऑपरेशन पर पूरे देश की नजर थी। इसकी सफलता से पूरे देश ने राहत की सांस ली है। यह सभी मजदूरों के परिवारों के लिए खुशी का क्षण है। मैं उनके परिवार को बधाई देता हूं…”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, ”देश के लिए यह बहुत अच्छी खबर है कि उत्तरकाशी में एक सुरंग में फंसे हमारे सभी 41 श्रमिक भाइयों को सुरक्षित और स्वस्थ बचा लिया गया है। सुरंग में इतने लंबे समय तक ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करने के लिए राष्ट्र उनके(श्रमिकों) साहस को सलाम करता है। उन सभी लोगों और एजेंसियों को मेरा हार्दिक आभार जिन्होंने हमारे साथी नागरिकों की जान बचाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।”
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “सभी एजेंसियों ने विशेष रूप से PMO के मार्गदर्शन में भारत के सभी एजेंसी , उत्तराखंड के सरकार और वहां की स्थानीय जनता और सब लोगों ने रात दिन मेहनत की है। उसके बाद ये सफलता मिली है। जिन लोगों की जानबची उन सभी को बहुत -बहुत शुभकामनाएं। जिन-जिन एजेंसियों और सभी इंजीनियर इसमें जो काम किया मैं उनको आभार व्यक्त करता हूं। हम टनल का ऑडिट भी करने वाले हैं…”