पैरालंपिक खेल आज से तोक्यो में शुरू हो रहे हैं। इन खेलों के तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, भारोत्तोलन सहित नौ स्पर्धाओं में भारत के 54 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में पहली बार बैडमिंटन को शामिल किया गया है, जिसमें भारत के सात खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
ओलंपिक के बाद अब सबकी निगाहें पैरालंपिक खेलों पर लगी हैं, जिनकी शुरूआत कल से तोक्यो में हो रही है। यह खेल कल से शुरू होकर पांच सितंबर तक चलेंगे। इस बार भारत के 54 खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा ले रहे हैं, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल है। तोक्यो में भारतीय एथलीट नौ अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारत के लिए 2016 रियो पैरालंपिक खेल सबसे सफल रहा था। इसमें भारतीय एथलीटों ने 2 स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल 4 पदक जीते थे। भारत 1968 से पैरालंपिक खेलों में हिस्सा ले रहा है। पैरालंपिक में अब तक भारत ने कुल 12 पदक जीते हैं। पैरालंपिक खेलों में भारत की ओर से पहला पदक मुरलीकांत पेटकर ने 1972 में तैराकी में जीता था। इन खेलों में पदक की उम्मीदों में बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास, पैरा टेबल-टेनिस में भाविना पटेल और सोनल-बेन पटेल, वहीं ताइकोंडो में अरुणा तंवर पर सबकी निगाहें होंगी। पैरा पॉवरलिफ्टिंग में जयदीप और सकीना खातून अपना दमखम दिखाएंगी। इन खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरे देश की शुभकामनाएं उनके साथ है।