जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले समाचार एजेंसी से प्रधानमंत्री की भेंटवार्ता अखबारों की बडी खबर है। राष्ट्रीय सहारा लिखता है-भारत की अगुवाई में विकासशील और अल्प विकसित देशों की बढी साख। पंजाब केसरी की टिप्पणी है-मोदी की चीन और पाकिस्तान को दो टूक, कश्मीर हो या अरूणाचल प्रदेश, हम देश में कहीं भी जी-20 बैठक कर सकते हैं, प्रधानमंत्री ने आपत्तियों को किया खारिज। जनसत्ता का कहना है-भारत अब वैश्विक चुनौतियों के समाधान का हिस्सा।
दैनिक भास्कर के शब्द हैं-सुपर फास्ट बॉर्डर-पूर्वोत्तर में पांच महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का 65 प्रतिशत काम पूरा, चीन सीमा तक वंदे भारत। ज्यादातर परियोजनाओं की समय सीमा अगले वर्ष दिसम्बर तक, काम होते ही ट्रेन चीन से दस किलोमीटर तक पहुंचेगी।
चीन की बॉर्डर रोड परियोजना पर नवभारत टाइम्स का कहना है-चीन को लग सकता है बड़ा झटका, जी-7 में शामिल इटली भी बीआरआई डील से हट सकता है। यूरोप में चीन के पांव पसारने की अहम योजना को लग सकता है बडा झटका।
विपक्षी गठबंधन आई एन डी आई ए की बैठकों पर राजस्थान पत्रिका का शीर्षक है-सीट शेयरिंग फॉर्मूला वेटिंग में, अब भी ड्राइवर का इंतजार। संसद के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुलाई विपक्ष की बैठक, बनेगी रणनीति। केन्द्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा चुनाव समय से पहले करवाने की कोई योजना नहीं।
अमर उजाला की खबर है-एक राष्ट्र, एक चुनाव पर समिति ने शुरू किया काम, वार्ता की प्रक्रिया तय। पहली बैठक में पांच अनुच्छेदों पर चर्चा, इनमें होगा बदलाव।
दैनिक जागरण प्रधानमंत्री के हवाले से लिखता है-महंगाई के खिलाफ समय पर कदम उठाएं केन्द्रीय बैंक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा-नौ साल की स्थिरता का जीवन्त प्रमाण है आर्थिक प्रगति, अब तेजी से आगे बढ रहा देश। उधर एक वैश्विक निवेश बैंक का उल्लेख करते हुए पत्र लिखता है- वर्तमान वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर का मॉर्गन स्टेनली ने अनुमान बढाया।