रबी सत्र के लिए मंत्रिमंडल का फैसला अखबारों की प्रमुख खबर है। अमर उजाला की सुर्खी है – किसानों को राहत, खाद की कीमतें नहीं बढेंगी, बाईस हजार तीन सौ करोड रूपए से अधिक की सब्सिडी मंजूर। केंद्र सरकार ने डी ए पी पर साढे चार हजार रूपए प्रति टन की अतिरिक्त सब्सिडी भी जारी की। बारह करोड किसानों को लाभ।
तिथियों के तालमेल की कवायद शीर्षक से जनसत्ता का कहना है- विधि आयोग लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक आम मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए तंत्र तैयार कर रहा है। उधर, कुछ राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव पर राजस्थान पत्रिका लिखता है- पांच राज्यों की नई सरकारें चुनने में महिलाओं की भूमिका अहम। चुनावी नैया पार लगाने के लिए नारी शक्ति पर भरोसा, रिझाने में जुटी भाजपा और कांग्रेस।
दैनिक जागरण की सुर्खी है- अयोध्या में रामलला 22 जनवरी को होंगे प्रतिष्ठित, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपा औपचारिक आमंत्रण पत्र। पंद्रह से 24 जनवरी तक चलेगा भव्य मंदिर में विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव।
राष्ट्रीय सहारा की सुर्खी है – किताबों से हटेगा इंडिया, रहेगा भारत। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद-एन सी ई आर टी की समिति ने दिया सुझाव। इतिहास में विभिन्न लडाइयों में हिंदुओं की विजय पर प्रकाश डालने के लिए कहा। नई किताबों के लिए राज्यों के सुझाव पर दैनिक भास्कर की खबर है – परमाणु सिद्धांत का जनक कणाद को बताएं, संजीवनी बूटी भी पढाएं।
दैनिक जागरण का कहना है – विकसित भारत का रोडमैप बना रहा नीति आयोग। आधारभूत आवश्यकताओं से आगे बढकर गुणवत्ता पर होगा मुख्य जोर। आगामी अंतरिम बजट पर दिखेगी झलक।